अक्षरधाम मंदिर दिल्ली इतिहास

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अक्षरधाम मंदिर दिल्ली history: दिल्ली का अक्षरधाम मंदिर – इंडिया का सुप्रसिद्ध भव्य मंदिर “अक्षरधाम” दिल्ली में बसा हुआ है। ये मंदिर स्वामी नारायण भगवान् को समर्पित है। इस कारण से इसका नाम स्वामी नारयण मंदिर भी है।

अक्षरधाम मंदिर भारतीय वास्तुकला या प्राचीन संस्कृति का आध्यतमिक केंद्र है। स्वामी नारायण भगवान को समर्पित ये मंदिर 18वी शताब्दी के एक महान भारतीय योगी या आध्यात्मिक आत्मा का भी प्रतीक है।

अक्षरधाम मंदिर दिल्ली इतिहास

26 दिसंबर 2007 को इसे संसार के सबसे विशाल हिन्दू मंदिर होने का खित्ताब मिलने के बाद ये मंदिर दिल्ली में आकर्षण का मुख्या केंद्र बना हुआ है। अपनी सुन्दर बनावट अदिव्तीये प्रदर्शिनयों, कलाकृत्यों, विशाल परिसर, शान्ति या सुकून भरे वातावरण के कारण पर्यटकों को दिल्ली का अक्षरधाम मंदिर अपनी ओर आकर्षित करता है।

दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर के बारे में विस्तारपूर्वक उसकी वास्तुकल, इतिहास, रचना में समय, मंदिर की पूरी संरचना, खुलने या बंद होने का वक़्त इत्यादि “अक्षरधाम मंदिर दिल्ली history” कई रोचक या ख़ास जानकारियां नीचे उपलब्ध है।

Swaminarayan Akshardham Temple History In Hindi

अक्षरधाम मंदिर दिल्ली history
अक्षरधाम मंदिर दिल्ली history

दिल्ली के स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर को 2005 में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा सामान्य इंसानो के लिए खोला गया था। तब से हर प्रतिदिन संसार भर से हजारो पर्यटक इस सुन्दर मंदिर को एक बार बहुत जरुरी देखने आते है।

दिल्ली बसा हुआ स्वामीनारायण मंदिर को 2007 में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा संसार का सबसे व्यापक हिन्दू मंदिर में सम्मिलित किया जा चुका है।

इस भव्य मंदिर पर हिन्दू धर्म की 10000 पुराने इतिहास वास्तुकला या संस्कृति को बड़े ही खूबसूरत ढंग से दर्शया गया जो इसकी खूबसूरती में चार चाँद लगता है ।

100 एकड़ में फैले इस मंदिर का रचना स्वामी महाराज श्री अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (BAPS) द्वारा किया गया है। 11000 कुशल करिगौ या BAPS सेव सेवको के सहयोग से सिर्फ 5 सालो में ही इस खूबसरत मन्दिर का रचना कार्य समाप्प्त किया गया था।

मंदिर में हिन्दू देवी-देवताओ, प्रकृति या जीव जंतुओं से जुड़ी खूबसूरत कालकृतियाँ दीवारों पर बानी हुई है जो प्राचीन भारतीय संस्कृति को उजागर करती है।

स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर वास्तुकला – Akshardham Temple Architectural Techniques In Hindi

दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर की रचना विधि या डिज़ाइन को प्राचीन वास्तुकला या हिन्दू शास्त्रों के सिद्धांत्तों पर ही चयन किया गया है। अक्षरधाम परिसर के मध्य में बना मुख्य मंदिर को पंचरात्र शास्त्र या वास्तु शास्त्र के सिद्धांतो पर बनाया गया है।

जिसकी उचाई 181 फ़ीट चौड़ाई 316 फ़ीट या लम्बाई 356 फ़ीट है। मंदिर परिसर के केंद्र में स्वामी नारायण भगवान की 11 फुट उच्ची मूर्ति को एक विशाल गुम्बंद के नीचे स्थापित किया गया है या उनके चारो तरफ उनके भक्त व उनके अनुयायी को भक्ति मुद्रा में और सेवा की मुद्रा में स्थापित किया गया है।

इसके आलावा मंदिर में शिव-पार्वती, राम-सीता, लक्ष्म, नारायण या राधा कृष्ण की मूर्तियां भी है। यहाँ स्थापित हर एक मूर्ती हिन्दू परंपरा के मुताबिक पांच धातुवो से निर्मित है।

मंदिर में आचार्यो, साधुओं या अनुयायिओं की कुल 20000 मूर्तियां है। मंदिर परिसर का हर एक भाग जटिल कला का प्रमाण है। हर दिवार या छत पर विशेष नाकाशेदारी फूलो, नृत्यकाओं (dancers) या संगीतकारों की छवियों से सुशोभित किया गया है।

हिन्दू धर्म के प्राचीन मंदिरो की तरह ही अक्षरधाम मंदिर के रचना में स्टील, लोहा या कॉन्क्रीट का उपयोग बिलकुल भी नहीं किया गया। इसके रचना में केवल राजस्थानी गुलाबी पत्थर या इटालियन मार्बल पत्थरों का इस्तमाल किया है। ये विधि अक्षरधाम मंदिर के जीवनकाल को अधिकतम करने के लिए अपनाई गई है।

अक्षरधाम मंदिर के प्रमुख आकर्षित करने वाली चीजे -Attraction of Akshardham Temple, Delhi In Hindi

दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर का सबसे बड़ा आकर्षण ये का अनोखा प्रदर्शनी (Exhibition) है। जो महान इंडिया की संस्कृति कला या नवीनतम तकनीकों का मिश्रण है।

यहां तीन बड़े हाल जिसमे हर एक हाल में सहजानंद दर्शन (HALL OF VALUES ) नीलकंठ दर्शन (GIANT SCREEN FILM) किशोर योगी स्वामीनारायण के प्रारंभिक जिंदगी पर एक फ़िल्म या संस्कृति दर्शन (CULTURAL BOAT RIDE) को शामिल किया गया है। इसके आलावा यहां अभिषेक मंडप सहजानंद वाटर शो, थीम गार्डन भी है।

यहां पर प्रदर्शित तीनो प्रदर्शिनय ही ज्ञानवर्धक, प्रेरणदायक या सूचनात्मक है।

अक्षरधाम मंदिर दिल्ली history
अक्षरधाम मंदिर दिल्ली history

हॉल ऑफ वैल्यू (सहजानंद प्रदर्शन)

इस प्रदर्शनी में स्वामी नारयण जी की जिंदगी की घटनाओ वा उनके आदर्शो, विचारों, अहिंसा या दुसरो की सेवा , शाकाहार, प्राथना, नैतिकता जैसे संदेशो को मल्टीमीडिया तकनीक रोबोटिक्स या डायोरमास शो द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। एक तरह से उनके पूरी जिंदगी शैली को दिखाया गया है।

बोट राइड (संस्कृति दर्शन)

यहाँ पर 14 मिनट की नौका विहार भी है जिसमे प्रर्शनकारियों को नाव में बैठा कर प्राचीन इंडिया की शानदार विरासत को दिखाया जाता है। नौका विहार के बीच में इंडिया की 10000 साल पुराने भारतीय ज्ञान या परंपरा वा वेद-शास्त्र, व्यवसाय, गुरुवो, ऋषिमुनिओ के योगदान या सामान्य नागरिको का जिंदगी काल दर्शया गया हैं।

यहाँ पर संसार का प्रथम विश्वविद्यालय तक्षिला एवं उसमे प्राप्त करती शिक्षा को भी प्रदिर्शित किया गया है।

विशाल फिल्म स्क्रीन (नीलकंठ यात्रा)

अक्षरधाम मंदिर में एक विशाल थिएटर भी है जिसमे नीलकंठ नाम के एक योगी की किशोर अवस्था से लेकर पूर्ण जिंदगी काल को एक फिल्म द्वारा दर्शया गया है।  इस 40 मिनट की फिल्म के द्वारा भारतीय रीती रिवाजो , संस्कृतियों या आध्यतमिक ज्ञान को दर्शाने की प्रयत्न की गई। इस फिल्म को बनाने के लिए इंडिया के 108 स्थांनो पर शूट की गया था।

म्यूजिकल फाउंटेन्स (MULTIMEDIA WATER SHOW)

अक्षारधाम को चार चाँद लगाने वाला सबसे लोकप्रिय या पसंदीदा शो सहज मज़ा नाम का एक म्यूजिकल फाउंटेन शो है। दिन के वक़्त इसके चारो या बानी सीढियाँ पर्यटको के लिए विश्राम का स्थान बानी रहती है या सूरज अस्त होने क बाद शाम में इस स्थान पर बहुत अधिक ही लुभावना सहज मज़ा म्यूजिकल फाउंटेन शो प्रदर्शित किया जाता है।

24 मिनट के इस शो में केना उपनिषद की कहानी पर आधारित जीवनचकर या प्राकतिक के ताल मेल को दर्शया गया है। जिसमे जन्म से लेकर मृत्यु के चक्र को अद्भुत ढंग से प्रस्तुत किया गया है। ये शो इतना प्रभावशाली या आकर्षित होता है की वहां पर शो को देखने वालो दर्शको की आखें खुली की खुली रहा जाती है। ये एक सबसे अलग ही तरह का शो होता है।

इसके मध्य में बने कमल के अक्कर का कुंड है जो विश्व का सबसे बड़ा कुंड माना जाता है। इसे यग्नपुरुष कुंड के नाम से भी जाना जाता है। यग्नपुरुष कुंड में 108 छोटे तीर्थ या 2870 सीढिया बनी हुई। इसके मध्य में 8 पखुड़ियों वाला याग कुंड है जो पंचरात्र शास्त्र के मुताबिक बना हुआ है।

यह कुंड जेमोट्रिकल के अनुकसार बिलकुल सटीक बाना हुआ है जो भारतिय इतिहास के महान विद्वानो या गढ़ित्यागो की महानता को दर्शाता है।

दिल्ली के स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर के केंद्र में स्थापित मुख्या ईमारत के चारो या सरोवर है। जिसमे इंडिया के मुख्य या धार्मिक 151 पवित्र नदियों जैसे गंगा, यमुना, कावेरी इत्यादि का पानी शामिल है। सरोवर के साथ 108 गोमुख है जो 108 हिन्दू देवताओ का प्रतिनिधित्व करते है।

अक्षरधाम परिसर में 60 एकड़ में फैले दो सुन्दर बाग़ भी है

अक्षरधाम मंदिर दिल्ली history
अक्षरधाम मंदिर दिल्ली history

इंडिया उपवन

दोनों बाग़ ही बहुत अधिक सुन्दर या मनमोहक है। इंडिया उपवन में प्रमुख रूप से कासें की प्रतिमाएं राखी है जिसमे भारतीय योद्धाओं, देहभक्त, राष्ट्रीय हस्तियों की या अन्य जाने माने हस्तियों की प्रतिमाएं शामिल है।

योगी हृदय कमल बाग़

कमल के आकर का होने के कारण ये कमल बाग़ के नाम से जाना जाता है। यहां के बड़े-बड़े पत्थरों पर महान व्यक्तियों स्वामी विवेकनन्द, शेक्सपियर इत्यादि जैसे प्रतिष्ठित हस्तियों के महान विचारो को इन पत्थरों पर लिखा गया है।

Interesting Fact About Akshardham Temple, Delhi In Hindi

अक्षरधाम शब्द दो अक्षरों से मिलकर बना है। अक्षर का अर्थ होता है शास्वत या धाम का अर्थ निवास। अतः भगववान के दिव्या निवास स्थान।

अक्षरधाम मंदिर का नाम सबसे बड़ा हिन्दू मंदिर होने के नाते इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी शामिल किया जा चूका है।

अक्षरधाम मंदिर की सरचना के जिंदगी काल को हजारो साल तक करने के लिए मंदिर के रचना में किसी भी ठोस चीज और स्टील, लोहा, सीमेंट इत्यादि का इस्तमाल नहीं किया गया है।

मंदिर परिसर में जाने के लिए आपका पहनावा ऐसा होना चाहिए जिससे आपके कंधे या घुटने ढके नजर आए।

इस विशाल मंदिर के रचना में महज 5 सालों का वक़्त लगा था जो बहुत अधिक ही आश्चर्य की बात है। इसके रचना में 11000 कुशाल कारीगरों या अनगिनत सहयोगियों का योगद्दान रहा है।

अक्षरधाम मंदिर में 10 प्रवेश द्वार है जो वैदिक साहित्य के मुताबिक 10 मुख्य दिशाओं का प्रतीक है।

अक्षरधाम मंदिर में यगनपुरुष कुंड है जो संसार में अपनी तरह का सबसे बड़ा पानी कुंड है।

मंदिर परिसर में प्रेमवती अहरगृह/ प्रेमवती फूड कोर्ट के नाम से शाकाहारी रेस्टोरेंट है। जो महाराष्ट्र के प्रचलित अजानता कर एल्लोरा की गुफाओ की थीम पर बनाया गया है।

अक्षरधाम में पुस्तकों या गिफ्ट्स की दुकाने भी उपलब्ध है।

अक्षरधाम मंदिर खुला है या बंद है – अक्षरधाम मंदिर खुलने का वक़्त – Akshardham Temple, Delhi Opening Timing

अक्षरधाम मंदिर दिल्ली की टाइमिंग – अक्षरधाम मंदिर मंगलवार से रविवार तक सुबह 9 : 30 से शाम 8 बाजे तक खुला रहता है। पर एंट्री शाम 6 : 30 के बाद बंद कर दी जाती है। सोमवार के दिन अक्षरधाम मंदिर बंद रहता है।

अक्षरधाम मंदिर दिल्ली टाइमिंग – अमेजिंग Akshardham Temple, Delhi Ticket Price In Hindi

अक्षरधाम में सभी इंसानो के लिए एंट्री एकदम फ्री है। बल्कि प्रदर्शनियों (Exhibition) या वाटर शो (Musical Fountain Show) व अन्य चीजों के लोए शुल्क अलग अलग है।

म्यूजिकल फाउंटेन्स शो (Musical Fountain Show) प्रवेश शुल्क :

वयस्क (12 साल से ऊपर ) – 80 रूपये

वरिष्ठ नागरिक (60+) – 80 रूपये

4 साल से 21 साल तक के लिए – 50 रूपये

4 साल से कम आयु के बच्चों के लिए – फ्री (निशुल्कः)

म्यूजिकल फाउंटेन शो शाम 7.30 के बजे शुरू होता है।

प्रदर्शनी (Exhibition) का प्रवेश शुल्क :

वयस्क (12 साल से ऊपर ) – 170 रूपये

वरिष्ठ नागरिक (60+) – 125 रूपये

4 साल से 21 साल तक के लिए – 100 रूपये

4 साल से कम आयु के बच्चों के लिए – फ्री (निशुल्कः)

अक्षरधाम मंदिर जाने से पहले ये कुछ मत्वपूर्ण बाते भी जरुर जाना ले – Important Things Know Before You Go Akshardham Temple In Hindi

यह सोमवार को छोड़ बाकी सभी दिन खुला रहता है।

मंदिर के सबसे नजदीकी मेट्रो स्टेशन अक्षरधाम मेट्रो स्टेशन है। जहां से मात्र कुछ दूरी पर अक्षरधाम मंदिर बसा हुआ है।

मंदिर परिसर में सभी के लिए एंट्री बिलकुल फ्री है।

मंदिर में अगर तुम Exhibition और Musical Fountain Show इत्यादि देखना चाहते है तो उस पर शुल्क लगता है।

मंदिर परिसर में जाने के लिए कंधे या घुटने ढके होने चाहिए।

मंदिर के परिसर में किसी भी इलेक्ट्रॉनिक्स सामान, खाने पीना के सामान (छोटे बच्चो का छोड़कर) खिलोने, बड़े बैग्स, छतरी, पालतू जानवर ले जाना सख्त मन है।

किसी भी तरह का नशा सिगरेट, बीड़ी, गुटखा, तम्बाकू नहीं ले जा सकते है।

परिसर में कोई भी प्रतिमा व दीवारों को छूना सख्त मना है कुछ दूरी से ही तुम उसे देख सकते है।

अगर आपको Akshardham Temple Delhi से जुड़े और भी ज्यादा अक्षरधाम मंदिर दिल्ली history चाहिएं तो तुम अक्षरधाम की वेबसाइट  akshardham.com पर विजिट कर सकते है।

दिल्ली का स्वामीनारायण अक्षरधाम केवल एक Hindu Temple नहीं है; परन्तु ये इंडिया की प्रचीन सभ्यता या संस्कृति की एक पवन या सुखमय यात्रा है। इस कारण से यदि कभी अक्षरधाम जाये तो हर एक पाल का मज़ा पक्का ले।

अक्षरधाम मंदिर दिल्ली इतिहास

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