चुंबन क्या होता है – चुंबन की जानकारी

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चुंबन क्या होता है – चुंबन की जानकारी: चुम्बन प्यार के प्रदर्शन का प्रतीक माना जाता है। वैसे तो प्रचीनकाल से माता-पिता द्वारा अपने बच्चों को प्यार से चुम्बन लेने की प्रथा चली आ रहीं है।

प्रेमी-प्रेमिका द्वारा लिया गया चुम्बन वासना को बढ़ाने वाला होता है। चुम्बन के माध्यम से वे आपस में स्पर्श सुख प्राप्त का उन्मादित और आनंदित होते हैं।

चुंबन – प्रेम की अभिव्यक्ति

प्रेम की सरल, सहज और सरस अभिव्यक्ति चुम्बन के माध्यम से हो जाती है।

पश्चिमी देशों में तो शुभकामनाएं देते समय, भेट करते समय, विदाई के समय और बधाई के समय चुम्बन करना आम रिवाज हो गया है,

परंतु हमारे समाज में खुलेआम स्त्री-पुरुष का चुम्बन लेना और उसका सार्वजनिक प्रदर्शन करना परंपराओं और संस्कृति के विरुद्ध माना गया है।

चुंबन से लाभ

अमेरिका में किए गए एक शोध से स्पष्ट है कि चुंबन लेने से मुंह में लार की मात्रा बढ़ जाती है। इस लार में मौजूद खनिज तत्व दांतों के एनामेल में हुई टूट-फूट को ठीक करते हैं।

ज्ञातव्य है कि चुंबन क्रिया के दौरान सामान्य से तीन गुना ज्यादा लार निकलती है, जिससे दांतों मेँ फंसे कण निकल जाते हैं। खोजों से यह भी ज्ञात हुआ है कि होंठों के नीचे स्थित सीबेसियल ग्लैंड ऐसे जैव रसायन पैदा करते है, जिनसे सम्मिलन के लिए प्रेरक संदेश प्राप्त होता है।

चुंबन – स्वास्थ्य के लिए हानिकारक

चुम्बन रक्त संचार बढ़ा कर पूरे शरीर को झनझना देता है, इससे हमारे ह्रदय की सामान्य धड़कन 72 प्रति मिनट है बढ़कर 150 तक हो जाती है। परिणामत: सामान्य स्तर का ब्लड प्रेशर 120 से 180 तक हो जाता है।

बढ़े ब्लड प्रेशर से और फेफड़ों की श्वास क्रिया तेज चलने के कारण शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम होने लगती है। अत: छोटे लोगों के लिए तो चुम्बन लाभदायक हो सकता है, लेकिन हृदय पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है।

चुम्बन के दौरान एक के मुंह से दूसरे के मुंह में रोगाणुओं के माध्यम से संक्रामक रोग जैसे पीलिया, क्षय (टी.वी.), डिप्थीरिया, सिफलिस, कुष्ट, कुकर खांसी, पायोरिया, खसरा, फ्लू आदि बड़ी आसानी से एक-दूसरे के शरीर में प्रवेश कर जाते है और रोग पैदा करते हैं।

प्राय: बीमारी उसी स्थिति में फैलती है अथवा रोग का कारण बनती है, जब दोनों (पति-पत्नी) में से कोई एक रोग का शिकार रहा हो। कभी-कभार मिलने वाले प्रेमी-प्रेमिका के चुम्बन लेने या अपरिचित स्त्री-पुरुष, लड़के-लड़कियों के आपसी चुम्बन से भी इसी प्रकार बीमारियां फैल सकती हैं।

औसत आवेग वाले एक चुम्बन में लगभग 9 कैलोरी ऊर्जा खर्च होती है। यदि 389 बार चुम्बन लिया जाए तो मोटे व्यक्ति अपना वजन आधा किलो तक घटा सकते है। जोरदार लिए गए चुम्बन में तो एक चुम्बन के दौरान 150 कैलोरी ऊर्जा तक खर्च हो सकती है।

माता-पिता या कोई व्यक्ति जब किसी बच्चे को चूम लेते हैं तो उनका दंत रोग (पायरिया) के कीटाणु उसके शरीर में पहुंच कर यह रोग पैदा कर सकते है। हानिकारक परजीवी प्रोटोजोआ चुम्बन के द्वारा दूसरे के दांत और मसूढ़ों के पास पहुंच कर चिपक जाते हैं और अपनी संख्या बढ़ा कर उस व्यक्ति को भी पायरिया रोग लगा देते हैं।

15 वर्ष से 25 की उम्र के युवक-युवतियों को अत्यधिक चुम्बन लेने, अधिक समय तक चुम्बन मग्न रहने और गुप्त अगो का चुम्बन लेने से चुम्बन की घातक बीमारी ‘मोनोन्यूक्लिओसिस’ भी हो सकती है। इसमें गला बैठ कर तेज बुखार चढ़ता है और कभी-कभी त्वचा भी फट जाती है।

उपरोक्त हानिकारक प्रभावों के अलावा चुम्बन से रीढ़ की हड्डी लंबी हो जाती है। यह जानकारी नवीनतम खोजों से ज्ञात हुई है।

बचाव के उपाय

  • रोगी व्यक्ति का दायित्व बनता है कि वह चुम्बन न ले।
  • चुम्बन लेने वाले अपने-अपने दांतों और मुंह की सफाई की ओर पूरा ध्यान दें।
  • चुम्बन के लेन-देन में संयम और विवेक बरतें।
  • संक्रमित व्यक्ति का चुम्बन न लें।
  • चुम्बन का प्रयोग सीधे मुंह के बजाए चेहरे के अन्य स्थलों पर करें।

चुंबन क्या होता है – चुंबन की जानकारी

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