डिसमेनोरिया (कष्टार्त्तव) – कारण,लक्षण,उपाय

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डिसमेनोरिया का कारण: 10-12 वर्ष की छोटी आयु में मासिक धर्म शुरू हो जाए, तो कमर व पेड़ू में रह-रहकर दर्द उठता है। कुछ स्त्रियां जो शारीरिक श्रम बिलकुल नहीं करतीं, उनमें भी हर माह मासिक धर्म शुरू होने से पहले पेड़ू व कमर में दर्द रहता है।

दोषों के कुपित होने, गर्भाशय में व्रण, क्षत या मस्सा आदि होने से भी मासिक स्त्राव कष्टपूर्ण होता है। उपवास, रक्ताल्पता, श्वेत प्रदर, चिंता, शोक, क्रोध आदि से भी यह संभव है।

डिसमेनोरिया का लक्षण

पेड़ू व कमर में दर्द के अलावा मेरुदंड व सिर में भी पीड़ा हो सकती है। उलटी व चक्कर, भूख में कमी आदि लक्षण भी साथ में हो सकते हैं।

डिसमेनोरिया का घरेलू उपाय

भोजन पौष्टिक करें, हरी सब्जियों का प्रयोग करें। इसके अतिरिक्त पेड़ू पर सेंक करें।

आक की जड़ को छाया में सुखाकर, कूट-पीसकर, छानकर रख लें। आधा ग्राम चूर्ण पाव भर गर्म दूध से दें।

हरे आंवलों से निकाले तीन चम्मच रस में बराबर मात्रा में शहद मिलाकर लें। यदि ज्यादा आंवले उपलब्ध न हों, तो चार चम्मच आंवले का चूर्ण ले सकते हैं।

एक चम्मच मेथी के दाने कूटकर पाव भर पानी में उबालें। आधा रह जाने पर उतार लें व गुनगुना होने पर पी लें। इसे दिन में दो बार लें।

आधा चम्मच तिल का चूर्ण दिन में दो-तीन बार लें।

बथुए का साग खाएं।

अयुर्वेदिक औषधियां

विजयावटी व रज: प्रवर्तिनीवटी इस रोग में काफी लाभदायक होती है।

पेटेंट औषधियां

एमीकोर्डियल सीरप व गोलियां (एमिल), एलोय कम्पाउन्ड गोलियां (एलारसिन), रजोप्लैक्स कैप (माहेश्वरी), मीनोक्रेम्प गोलियां (सोल्यूमिक्स), सनकार्डिल सीरप (संजीवन)।

डिसमेनोरिया (कष्टार्त्तव) – कारण,लक्षण,उपाय

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