अंडा खाने से नुकसान | Egg khane ke nuksan in hindi

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अंडा खाने से नुकसान | Egg khane ke nuksan in hindi: आजकल अंडों का प्रचार बहुत बढ़ गया है। शाकाहारी होने के बावजूद भी रसोईघर में अंडे को प्रवेश देने वाले आधुनिक परिवारों के सुशिक्षित लोगों का तर्क है कि अंडा ही एकमात्र ऐसी वस्तु है,

जिसमें मिलावट का शक नहीं होता, अत: मुर्गी का अंडा आहार में लेना गलत नहीं कहा जा सकता। इसके अतिरिक्त अंडा उतना ही शाकाहारी है जितना गाय, भैंस का दूध। फिर भी अंडे खाने से कई बीमारियां लग सकती है।

अंडा खाने से नुकसान – अनेक रोगों की जड़ है अंडा

अनेक सर्वेक्षणों से ज्ञात हुआ है कि अंडे शरीर और स्वास्थ्य, दोनों को नुकसान पहुंचाते है और अनेक प्रकार के रोग पैदा करते है। एक अंडे में लगभग 4 ग्रेन कोलेस्ट्राल होता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर, ह्रदय रोग, गुर्दे के विकार पैदा हो जाते हैं।

अंडे मेँ पाए जाने वाले एवीडीन नामक तत्व है शरीर में खुजली, एलर्जी और दमा रोग पैदा होते है। अंडे की सफेदी जिन जानवरों को परीक्षण के तौर पर खिलाई गई, उन्हें लकवा मार गया और उनकी चमड़ी सूख गई।

डॉ. ईं. वी. मेक्कालम के मतानुसार अंडे में कार्बोंहाइड्रेटस बिलकुल नहीं होते और कैल्शियम की मात्रा भी न्यूनतम होती है। परिणाम स्वरुप पेट में सड़ांध पैदा हो जाती है। अंडा एसीडिटी बढ़ाता हैं कब्ज पैदा करता है, जिससे बवासीर भगन्दर, आंतो का कैंसर जैसै रोग पैदा होने हैं।

मुंबई के हाफकिन इंस्टीटूयूट के निष्कर्षानुसार बच्चों को अंडे खिलाना बहुत ही खतरनाक है, क्योंकि बच्चों के पाचन तंत्र इतने कोमल होते है कि वे अंडा ठीक से पचा नहीं सकते, अत: उन्हें किसी भी स्थिति में अंडा अथवा अंडा मिश्रित पदार्थ जैसे केक, आमलेट, आइसक्रीम, बिस्कुट आदि नहीं देने चाहिए।

अंडा खाने से नुकसान बच्चों में

अंडे से बच्चों में जुकाम नजला, खांसी, दमा आदि रोग पैदा होते है। इससे गला भी खराब होता है। और उनकी रोग प्रतिरोधक शक्ति की भी कमी होती है।

मुर्गियां अनेक असाध्य रोगों का शिकार होती रहती है है जिससे थोक में मुर्गियों की मृत्यु हो जाती है या फिर खाने वाले के पेट में पहुंच कर उसके जीवन को नर्क बना देती हैं। दमा, कैंसर, पीलिया, क्षय, संग्रहणी जैसी बीमारियां अंडे की ही देन होती हैं।

अंडे में अधिक पौष्टिकता का प्रचार भ्रामक है

जो अंडा अच्छे-खासे स्वस्थ और निरोग शरीर वाले व्यक्ति को रोगी बना दे, विकारग्रस्त कर दे उसे पौष्टिक कैसे कहा जा सकता है। अंडों के प्रचारक और प्रशंसक यह दावा करते है कि अंडा अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों की तुलना में अधिक सस्ता होता है और उसमें अधिक पौष्टिक तत्व होते हैं।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रीशन, हैदराबाद द्वारा प्रकाशित जानकारी के अनुसार नीचे दिए चार्ट से स्पष्ट हो जाएगा कि 100 ग्राम अंडे और इतनी हो मात्रा में अन्य खाद्य सामग्री में कौन-कौन से पोषक तत्व कितनी-कितनी मात्रा में पाए जाते हैं तथा उनका बाजार मूल्य हमेँ कितना पड़ता है:

उपर्युक्त तालिका से स्पष्ट है कि अंडे में पोषक तत्व जहां अन्य चीजों से कम मात्रा में पाया जाता है, वहीं उसका मूल्य भी उनसे ज्यादा होता है।

संतुलित आहार सब तरह से उपयुक्त

एक सामान्य पुरुष को 2700,

महिला को 2100,

किशोर लड़के को 2400 और

किशोरी लड़की को 2100 केलोरीज की प्रतिदिन आवश्यकता होती है।

जब हम संतुलित शाकाहारी भोजन लेते है, तब इसकी पूर्ति हो जाती है और शरीर में किसी प्रकार का विकार पैदा नहीं होता।

वह सब तरह से लाभकारी तथा रोचक, पाचक भी होते है। शरीर में किसी तरह के व्यवधान भी नहीं उत्पन्न करते हैं।

अंडे में कैल्शियम, कार्बोंहाइड्रेट्स और विटामिन ‘बी’ गुप भी पर्याप्त मात्रा में नहीं होता और न विटामिन ‘ए’ जैसा जरूरी तत्व होता है।

अंडे से ज्यादा विटामिन ‘सी’ टमाटर, संतरे और सरसों के साग में मिलता है। कई गुना अधिक विटामिन ‘ए’ गाजर, पालक, गोभी से मिल जाता है।

अत: यह कहना कि शाकाहारी पदार्थों की तुलना में अंडा अधिक पौष्टिक है, एक गलतफहमी है, झूठा प्रचार मात्र है।

अंडा खाने से नुकसान | Egg khane ke nuksan in hindi

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