फास्ट फूड खाने के नुकसान

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फास्ट फूड खाने के नुकसान: डिब्बा बंद भोजन ने हमारी भोजन संस्कृति पर जबरदस्त हमला कर दिया है। इसका कारण यह है कि किसी प्रकार की तैयारी अथवा झंझट से बचने के लिए लोगबाग इन्हें अपना रहे हैं।

अब तो तरह-तरह के अचार, मुरब्बे, सौस, जैम, जैली, बिस्कुट, स्नैक्स यहां तक कि रसगुल्ले जैसी हरदिल-अजीज़ मिठाई भी आसानी से डिब्बाबंद पैक में मिलने लगी है। बे मौसम की चीजे भी बंद पैकेटों में उपलब्ध होने लगी हैं।

डिब्बा बंद फास्ट फूड खाने के नुकसान

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के मानव पोषण विज्ञान के प्रोफेसर डॉ. उमेश कपिल के अनुसार, परंपरागत संतुलित आहार के बजाय फास्ट फूड पर बहुत अधिक निर्भर रहने के कारण रक्त अल्पता, नेत्र रोग और अस्थि रोग हो सकते हैं। शारीरिक जरूरतों की पूर्ति के लिए ज्यादा पौष्टिक आहार लेना जरूरी होता है।

शरीर को प्रोटीन, विटामिन्स, कैल्शियम और लौह आदि तत्वों की प्राप्ति नियमित आहार से ही होती है। फास्ट फूड में इन जरूरी तत्वों की निहायत कमी होती है।

फास्ट फूड और डिब्बा बंद खाद्य वस्तुओं को चटपटा बनाने और लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए रंगों मसालों और रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है, जो शरीर के लिए नुकसानदेह हैं। डिब्बों और बोतलों में बंद फलों के रस में बेंजोइक एसिड परिरक्षक (प्रिजर्वेटिव) के रूप में मिलाया जाता हैं, जो विषैला पदार्थ हैं और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल अम डालता है।

रसायनों से परिरक्षित मांस खाना स्वास्थ्य के लिए अति हानिकारक होता है। इसमें प्रयुक्त सोडियम नाइट्रेट मांस के रंग की बनाए रखता है और उसे जीवाणुओं से खराब होने से बचाता है। इसका नियमित प्रयोग करने वाले को कैंसर होने की प्रबल संभावना होती है।

फास्ट फूड में चीनी और नमक की अधिक मात्रा मिलाए जाने के कारण शरीर में चीनी का संतुलन बिगड़ जाता है। परिणाम स्वरूप एड्रेनेलिन बढ़ कर तनाव व तंत्रिका संबंधी तकलीफें बढ़ जाती है, जबकि अधिक नमक के सेवन से रक्तचाप बढ़ने की संभावना होती है।

साथ ही ऐसे भोजन में फाइबर की कमी होने से बवासीर, पथरी, हार्निया, मोटापा जैसी तकलीफें हो सकती हैं। सोडियम, शर्करा और वसा की अधिकता से ऐसे खाद्य पदार्थों को खाने से ह्रदय रोग, हड्डियों की कमजोरी तथा कैंसरर होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

दो मिनट में तैयार होने वाली सेवइंयों (नूडल्स) में सोडियम मोनो ग्लूकामेट रसायन मिलाकर अधिक समय तक खाने योग्य बनाए रखने का प्रबंध किया जाता है, जो हमारी स्वाद ग्रंथियों को भ्रमित कर स्वाद का अहसास दिलाता है एवं हमारे हाइपोथैलमस को प्रभावित करता और पाचन तंत्र को खराब करता है।

खाद्य पदार्थों में फलों की महक उत्पन्न करने के लिए मिलाए जाने वाले सुगंधवर्धक रसायन आम रसायनों से अधिक घातक होते है। रोज लाखों लोग डबल रोटी का इस्तेमाल करते हैं। इसमें भी अनेक प्रकार के रसायन मिलाए जाते है, ताकि अधिक समय तक खाने योग्य बनी रहे। स्वास्थ्य की दृष्टि से इसका सेवन करना ठीक नहीं है।

फास्ट फूड के दुष्परिणामों से कैसे बचें

हमारे देश में तैयार डिब्बा बंद और फास्ट फूड खाद्य उपयुक्त नहीं हैं। हमारी जलवायु को देखते हुए इनमें अनेक प्रकार के परिरक्षक मिलाने पड़ते है, जबकि ठंडे देशों में उनकी इतनी अधिक आवश्यकता नहीं होती।

फास्ट फूड खाने के नुकसान

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