हेयर डाई के नुकसान

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हेयर डाई के नुकसान: सिर के काले, लंबे और घने बाल हमेशा से ही सौंदर्य के प्रतीक माने जाते रहे है, जिसके कारण चेहरे की सुंदरता में एक आकर्षण पैदा होता है। यहीं कारण है कि विभिन्न प्रकार के केश विन्यास करने की युवक-युवतियों में होड़-सी मची हुईं है।

आम धारणा यह है कि काले बाल जवानी के द्योतक होते हैं। अत: ऐसे व्यक्ति जवान दिखने के लिए बालों को काला करने के लिए कई तरह की हेयर डाइयों का प्रयोग करते रहते है। उन्हें यह नहीं मालूम कि बालों को सुंदर बनाने की यह अस्थाई विधि अतत: सारे बालों को तो सफेद कर देती है, साथ ही सिर की त्वचा और स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचाती है।

हेयर डाई के नुकसान

बाजार में विभिन्न कंपनियों द्वारा निर्मित भिन्न-भिन्न ब्रांड के नामों से हेयर डाइयां उपलब्ध हैं। ये डाइयां भी पूर्ण रूप से हर्बल निर्मित नहीं होती हैं। लगभग सभी प्रकार की हेयर डाइयों में केमिकल पदार्थ पैराफिनाइलीन डाइ एमीन (पी.पी.डी.) मिलाया जाता है। जिसकी मात्रा 2.3 से 4 प्रतिशत तक होनी चाहिए। इसके बिना सफेद बाल काले होना संभव नहीं। इसका रंग इतना पक्का होता है कि डेढ़-दो माह तक बाल काले करने की जरुरत नहीं पड़ती। हेयर डाई के प्रयोग से निम्न प्रकार के नुकसान हो सकते हैं:

  • बिना एलर्जी टेस्ट किए यदि इन्हें सीधे बालों में लगा दिया जाए, तो जिन्हें इसमें डले रसायन से एलर्जी की शिकायत होती है, उन्हें इसके भयंकर दुष्परिणाम भुगतने पड़ते हैं।
  • डाई त्वचा पर लगने से कुप्रभाव पड़ सकता है। एलर्जी होने पर लाल चकत्ते पड़ कर उसमें खुजली होने लगती है।
  • डाई सिर की त्वचा में आसानी से प्रवेश कर अपना दुष्प्रभाव डालती है। बाल गिर सकते है, टूटना शुरु होकर अंत में गंजापन भी हो सकता है।
  • हेयर डाई से आंखों पर विपरीत प्रभाव पड़ने से दृष्टि-दोष हो सकता है।
  • किसी-किसी के चेहरे पर सूजन भी आ जाती है।
  • एक अध्ययन से निष्कर्ष निकला है कि लंबे समय तक बार-बार हेयर डाई का प्रयोग करने से मोतियाबिन्द की शिकायत हो सकती है।
  • आंखों की भौंहों और पलकों (बरौनी) के सफेद बालों को डाई करने की कोशिश में यह रसायन यदि आंख में चला जाए, तो अंधापन हो सकता है।

बालों को काला कैसे करें

बालों में हेयर डाई लगाने की बजाय निम्न उपायों को अपना कर आप अपने बाल प्राकृतिक रूप से काला करने की कोशिश करें:

  • असमय बालों का सफेद होना यह दर्शाता है कि बालों को आहार के माध्यम से उचित पोषक तत्व नहीं मिल पा रहे हैं, अत: कैल्शियम, गंधक, आयोडीन, लोहा, तांबा, जिंक, फोलिक एसिड, पैटोथेनिक एसिड, पैरा एमाइनो बेन्जोइक एसिड (विटामिन बी काम्पलेक्स के घटक) युक्त पौष्टिक आहार का सेवन नियमित रूप से करें। पौष्टिक फलों का भी सेवन करना चाहिए।
  • धूम्रपान, मदिरापान जैसे व्यसनों का दुष्प्रभाव भी बालों के नुकसान पहुंचाते है, अत: इससे बचें।
  • अचानक आए मानसिक आघात, क्रोध, द्वेष, ईर्ष्या की भावनाओं के पनपने से अंत:स्रावी ग्रंथियों पर दुष्प्रभाव पड़ता है और शरीर के विभिन्न कार्यों में रुकावट आती है, जिसका असर भी बालों पर पड़ता है। इन दुर्भावनाओँ से बचने का प्रयास करें।
  • जो लोग नियमित रूप से दही का सेवन करते है, उनके बाल अधिक उम्र तक काले बने रहते हैं। दही, यीस्ट व विटामिन बी काम्पलेक्स युक्त आहार खाते रहने वालों के बाल बुढ़ापे तक काले रहते है।
  • आयोडीन की कमी से थायराइड ग्रंथि का कार्य संभावित होता है, जिससे महिलाओं के बालों में सफेदी पैदा होती है, आयोडीन फलों और सब्जियों के छिलकों के ठीक नीचे के भाग तथा अन्ननास में सबसे अधिक पाया जाता है। स्वरों अल्पता और शरीरिक दुर्बलता के कारण भी महिलाओं के बाल जल्दी सफेद होते हैं, अत: लौह युक्त पौष्टिक आहार का सेवन करें।
  • प्रतिदिन नाश्ते और भोजन के बाद एक गिलास छाछ का सेवन करने से भी बाल असमय सफेद नहीं होते।
  • यदि बाल प्राकृतिक रूप से तैलीय हो, तो कोई भी तेल सिर में डालने की जरूरत नहीं होती, क्योंकि बालों को प्राकृतिक रूप से सिबेशियस ग्रंथियों द्वारा तेल मिल जाता है। अधिक तेल के प्रयोग से सिर में गंदगी बढ़ती है, जिससे बालों की जड़ों को नुकसान पहुंचता है और पोषण में रुकावट आती है। अत: कम से कम तेल लगाएं।
  • बालों में साबुन, रासायनिक शैम्पू का प्रयोग न करें। इससे बालों को नुकसान पहुंचता है। हर्बल शैम्पू सफाई के लिए प्रयोग करें।
  • बालों को रंगने के लिए मेहंदी का प्रयोग कर सकते हैं।
  • सप्ताह में एक बार तेल की मालिश बालों में अवश्य करें।
  • होम्योपैथिक दवा जैबोरेन्डी को 3× या 6× शक्ति की एक मात्रा दिन में दो बार कुछ माह तक नियमित सेवन करने और साथ में 200 मिली लीटर खोपरे के तेल (कोकोनट आइल) में जैबोरेन्डी Q दो ड्राम, कैन्थरिस Q एक ड्राम और आर्निका Q दो ड्राम मिलाकर रात्रि में सोने से पहले इसे उगंलियों से बालों की जड़ में लगाएं। कुछ हफ्तों के प्रयोग से बालों का कालापन लौट आएगा।
  • आयुर्वेद में कहा गया है कि महात्रिफला घृत के नियमित सेवन से समय से पहले सफेद हुए बाल दोबारा जड़ से काले हो जाते हैं। बालों की अनेक समस्याएं भी इससे दूर हो जाती हैं।

हेयर डाई के नुकसान

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