खुजली – कारण,लक्षण,उपाय

Spread the love

खुजली: एक ऐसा रोग जो साधारणतः सबको एक – दो बार तो होता ही है। ये एक कॉमन बैक्टेरिया से फैलता है जो मैल या गन्दगी से पनपते है। जैसे किसी ने कपडे से अपना मुँह पोछा अब पोछने वाले का मैल उस कपड़े पर लग जाता है जिसमे ये खुजली वाले बैक्टेरिया भी होते है।

अब अगर कोई उस कपडे को इस्तेमाल करता है तो वो बैक्टेरिया उसकी स्किन में लग कर स्किन को इंफेक्टेड कर देते है।

खुजली के कारण

एकेरस स्केबीयाई से होने वाला यह एक छूत का रोग है, जो एक दूसरे के वस्त्र प्रयोग करने, एक ही बिस्तर पर सोने से परस्पर हो जाता है।

शरीर के जिस भाग में त्वचा मृदु और पतली हो, वहां कृमि आसानी से प्रवेश कर जाते हैं। कलाई के आगे वाले भाग पर, बगलों, जांघों, अंडकोष, शिश्न व अंगुलियों के बीच में इस रोग का कृमि आसानी से प्रवेश कर जाता है।

खुजली के लक्षण

शुरू-शुरू में खुजली होती है। खुजली का स्थान सर्वप्रथम हाथों में अंगुलियों के बीच में तथा हाथों के पीछे होता है। बाद में खुजलाने पर दानें बन सकते हैं। एक साथ रहने वाले कई व्यक्तियों में यदि खुजली के लक्षण हैं, तो यही रोग समझना चाहिए।

खुजली के घरेलू उपाय

नीम के पानी से नहा कर, पोंछकर 5-10 प्रतिशत वाले शुद्ध गंधक के मिश्रण का लेप करें। कपड़े भी गर्म पानी में उबालकर धोएं व तेज धूप में सुखाएं। शुद्ध गंधक को 8 गुना कड़वे तेल में मिलाकर भी लगा सकते हैं।

आयुर्वेदिक दवाइयाँ

महामरिच्यादि तेल स्थानिक प्रयोग हेतु व शुद्ध गन्धक अथवा ब्राह्मी वटी खाने के लिए प्रयोग करें।

खुजली – कारण,लक्षण,उपाय

Leave a Comment