नाक से खून बहना – कारण,लक्षण,उपाय

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नाक से खून बहना कारण: चेहरे की हड्डियों में स्थित गुहाएं (रिक्त स्थान) जोकि नाक से संबद्ध हैं, साइनस कहलाती हैं। ये श्लेष्म कला से ढकी रहती हैं एवं चार प्रकार की होती हैं और जिस हड्डी में स्थित हैं, उनके अनुसार इनका नामकरण किया गया है।

जुकाम या इन्फ्लुएन्जा के उपद्रव के रूप में या संक्रमण के कारण इनमें सूजन आ जाने को साइनुसाइटिस या नासास्त्रोत शोथ कहते हैं।

नाक से खून बहना लक्षण

किसी साइनस में शोथ होने पर एक ओर की नासिका से स्त्राव होता है, साथ ही वेदना की शिकायत भी रहती है। जिस साइनस में शोथ हो, उसी के अनुसार वेदना की प्रतीति भी माथे व चेहरे के विभिन्न भागों में होती है।

नाक से खून बहना घरेलू उपाय

रोगी को पसीना आने वाली दवा दें, ताकि शोथ के कारण पूरी तरह या आंशिक रूप से बंद नासागुहा के छिद्र खुल जाएं। इसके लिए रोगी को अदरक, लौंग, काली मिर्च, बनफशा की चाय पिलाएं।

एक ग्राम काली मिर्च को आधा चम्मच देसी घी में गर्म करें। ठंडा होने पर ह्वान लें व 2-3 बूंद नाक के दोनों छिद्रों में तीन बार डालें।

अदरक या सफेदे के पत्ते पानी में उबाल कर भाप लें।

5 ग्राम अदरक घी में भूनकर सुबह-शाम लें।

5 ग्राम अदरक को पाव भर दूध में उबालें। यह दूध नाक के नासाछिद्रों में भर कर रखें।

जलनेति-1 लीटर पानी को नमक डाल कर उबालें। गुनगुना रहने पर टोंटीयुक्त लोटे में भरकर बाएं नाक से पानी लेकर दाएं से निकालें। फिर दाएं से लेकर बाएं नाक से निकालें। अंत में बारी-बारी से दोनों नाकों से पानी लेकर मुंह से निकालें।

पेटेंट दवाएं

सैप्टीलिन गोलियां (हिमालय), सीफाग्रेन गोलियां व नाक में डालने की दवा (चरक) इस रोग में अत्यंत लाभदायक है।

आयुर्वेदिक औषधियां

नाग गुटिका, व्योषादि वटी, चित्रकहरीतकी, अवलेह, षड्बिंदुतैल, अणुतेल आदि दवाओं का प्रयोग कर सकते हैं।

नाक से खून बहना – कारण,लक्षण,उपाय

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