प्रसूताओं में दूध की कमी – कारण,लक्षण,उपाय

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प्रसूताओं में दूध की कमी का कारण: कमजोरी, शरीर में खून की कमी, हारमोन की गड़बड़ी के कारण यह रोग होता है।

प्रसूताओं में दूध की कमी का लक्षण

बच्चे के जन्म के बाद माता के स्तनों में दूध नहीं उतरता या कम उतरता है। बच्चे को मां का दूध यदि न मिले, तो बच्चा न केवल कमजोर रहता है, बल्कि उसके शरीर में रोगों से लड़ने हेतु प्रतिरोधात्मक शक्ति का भी अभाव रहता है, जिससे बच्चा बार-बार बीमार पड़ जाता है।

प्रसूताओं में दूध की कमी का घरेलू उपाय

माता को पौष्टिक आहार जैसे-दूध, फल, जूस आदि पर्याप्त मात्रा में दें।

शतावरी चूर्ण 1-1 चम्मच सुबह-शाम गर्म दूध में चीनी मिलाकर दें।

सौंफ, सफेद जीरा और मिस्री तीनों का अलग-अलग चूर्ण बनाकर समभाग लेकर मिला लें। एक-एक चम्मच दवा सुबह-शाम दूध के साथ दें।

स्तनों पर सुबह-शाम एरंड के तेल की मालिश करें।

10-12 किशमिश सुबह-शाम दूध में उबाल कर खाएं।

पपीता व अंगूर सुबह-खाम खाने को दें।

अंगूर या गाजर का 1-1 गिलास रस सुबह-शाम पीने को दें।

आयुर्वेदिक औषधियां

गैलाकोल गोलियां (चरक), लैप्टाडीन गोलियां (एलारसिन), शतावरैक्स दाने (झण्डु)।

प्रसूताओं में दूध की कमी – कारण,लक्षण,उपाय

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