प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ना,कारण,इलाज

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प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ना,कारण,इलाज: यह ग्रंथि पुरुष प्रजनन प्रणाली का अंग है, जिसका स्त्राव वीर्य में मिलता है। 50 वर्ष के बाद इस ग्रंथि में स्वाभाविक रूप से वृद्धि होनी शुरू हो जाती है। इस ग्रंथि में वृद्धि अधिक हो जाने पर मूत्र बार-बार आता है

प्रोस्टेट ग्रंथि के कारण

मूत्राशय में दर्द हो सकता है। प्रोस्टेट वृद्धि के कारण नमक व जल यदि मूत्र के साथ पर्याप्त मात्रा में न निकल पाएं, तो शरीर में सूजन भी आ सकती है। मूत्राशय का कोई भी संक्रमण प्रोस्टेट वृद्धि के कारण वृक्कों में जा सकता है।

प्रोस्टेट ग्रंथि के घरेलू इलाज

सरसों का तेल व जियापोते का रस एक-एक चम्मच मिलाकर सुबह-शाम लें।

तुलसी की 20 पत्तियों को पीसकर चटनी बना लें और आधा पाव दही में मिलाकर खाली पेट खाएं इसमें, चीनी या नमक न मिखाएं। लगभग तीन महीने तक प्रयोग करने से पूर्ण आराम मिलता है। दही के विकल्प के रूप में शहद का प्रयोग भी किया जा सकता है।

सीपी को जलाकर भस्म बना लें। आधा-आधा चम्मच भस्म सुबह-शाम दूध के साथ लें।

प्रोस्टेट ग्रंथि के आयुर्वेदिक दवाइयाँ

बंग भस्म, प्रवाल पिष्टी, शुद्ध हिंगुल, बंगशिल व फोर्टेज (एलारसिन), नियो (चरक)।

प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ना,कारण,इलाज

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