सांप के काटने के कारण,लक्षण,उपाय

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सांप के काटने के कारण,लक्षण,उपाय: सांप जहरीला होता है और उसके मुँह में दांत भी होते है जिससे जब वो काटता है। तो उसके दांतो से जहर निकलता है और काटे हुवे स्थान पर जहर प्रवेश कर जाता है। जिससे रोगी को बेहोशी और ज्यादा समय तक इलाज ना किया जाये तो मौत भी हो सकती है।

सांप के काटने के कारण

सांप विषैला भी हो सकता है और विषहीन भी। बिषैले सांप के जबड़े में दो से चार तक दांत होते हैं। बिषहीन जातियों के सांप के जबड़े में चार से आठ तक दांत होते हैं।

सांप के काटने के लक्षण

सांप के काटे हुए स्थान पर दांत के निशान मिलेंगे, वहां से खून बहता हुआ मिलेगा। वहां सूजन, जलन व दर्द भी होगा। रोगी के मुंह से झाग निकल सकते हैं। रोगी को नींद आएगी व रोगी बेहोश भी हो सकता है। रोगी की आंखों की पुतलियां फैल जाएंगी।

सांप के काटने के घरेलू उपाय

सांप काटे स्थान से ऊपर हृदय की ओर 8-10 से.मी. पर कपड़े, रस्सी, डोरी आदि से कसकर बंधन बांध दें। चार-चार से.मी. ऊपर दो-तीन बंधन और बांध दें, ताकि जहर खून के साथ हृदय में न पहुंच सके। यदि सांप ने ऐसी जगह काटा हो, जहां बंधन न बांधा जा सके तो वहां बर्फ रगड़ें।

बंधन बांधने के बाद नया ब्लेड लेकर सांप काटे स्थान पर चीरा लगा दें। नया ब्लेड न हो तो पुराना ब्लेड या कोई धारदार चाकू वगैरह आग की लौ में गर्म कर उससे चीरा लगाएं। चीरा लगाकर बंधन बांधे स्थान से ऊपर से नीचे की ओर दबाव लगाकर खून को बाहर निकालें, जिससे खून के साथ जहर भी बाहर आ जाएगा।

रोगी को सोने न दें व उसे सांत्वना देने वाली बातें करते रहें।

रोगी को तत्काल अस्पताल ले जाएं।

सांप के काटने के कारण,लक्षण,उपाय

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