परफ्यूम क्या होता है – परफ्यूम का इस्तेमाल कैसे करें

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परफ्यूम क्या होता है – परफ्यूम का इस्तेमाल कैसे करें: सुगंधित वातावरण में उठने-बैठने, खाने-पीने की सभी की इच्छा होती है, जबकि दुर्गंध से लोगबाग दूर रहना ही पसंद करते हैं।

हमारी नाक में बिछे तंतुजाल की संवेदनात्मक शक्ति बहुत तेज होने के कारण सुगंध या दुर्गंध का संदेशा तुरंत मस्तिष्क को पहुंचा दिया जाता है, जिससे चित्त को आनंद अथवा घृणा की अनुभूति तुरंत हो जाती है।

सुगंध का कामोत्तेजना से निकट का संबध होता है। अच्छी गंध तत्काल काम केंद्रों को उत्तेज़ना प्रदान करती है। इसीलिए संसार भर की सुंदरियों ने स्प्रे परफ्यूमों को ज्यादा महत्त्व दिया।

सिंथेटिक रसायनों के मिश्रण से अब तरह-तरह के परफ्यूम तैयार किए जाने लगे हैं। स्प्रे परफ्यूम में मिथाइल अल्कोहल और ईथाइल अल्कोहल जैसे हानिकारक रासायनिक तत्व मिलाए जाते हैँ। इनके प्रयोग से त्वचा पर खुजली आना, दाने उभरना जैसी तकलीफें हो सकती है और कपड़ों पर दाग भी पड़ सकते हैं।

परफ्यूम का इस्तेमाल कैसे करें

  • कोई भी परफ्यूम खरीदने के पहले उसकी उत्तम क्वालिटी पर ध्यान दें और उस में हानिकारक तत्वों की मात्रा कम से कम हो, इसका पता लगाने के लिए उसे स्प्रे करने के तुरंत बाद किसी दवा की खुशबू का आना और बाद में वास्तविक खुशबू का अहसास होना जरूरी है।
  • परफ्यूम का इस्तेमाल करने से पहले उसकी एलर्जी का टेस्ट कलाई पर या कानों के पीछे थोड़ा सा स्प्रे कर 10-15 मिनट बाद जांच ले कि त्वचा पर खुजली, दाने आदि तो नहीं उभर आए हैं। यदि कोई प्रतिक्रिया न हो, तभी उसका प्रयोग करें।
  • एक बार में एक ही प्रकार का परफ्यूम इस्तेमाल करें। उपयोग के बाद शीशी को प्रकाश, गर्मी, धूप से बचाने के लिए अंधेरे वाले ठंडे स्थान पर रखें। ढक्कन हमेशा टाइट लगाएं अन्यथा परफ्यूम उड़ जाएगा।
  • शरीर की सफाई करने के बाद स्प्रे परफ्यूम कानों के पीछे , बगल में, घुटनों के पीछे, स्तनों के मध्य भाग पर, कलाइयों पर लगाना सर्वोंत्तम माना गया है। सारे बदन पर स्प्रे न करें। सीमित स्थलों पर ही करें।
  • दूर से स्प्रे न करें, क्योंकि इसका अधिकांश भाग हवा में उड़कर नष्ट हो जाता है। ज्यादा बड़ी बोतल न खरीदें। छोटी शीशी ही खरीदें क्योंकि एक बार खेलने के बाद यह शीघ्र उड़ना शुरू हो जाता है और खुशबू भी हलकी पड़ती जाती है।
  • एक बार के स्प्रे की खुशबू घंटों तक बनी रहती है, अत: हलके स्प्रे ही करें। कहीं ऐसा न हो कि पार्टी में आपके शरीर से खुशबू की लपटें निकलने लगें और सभी आपकी ओर घूरने लगें।
  • जिन लोगों के पसीने से बदबू आती है, उन्हें तेज महक वाले परफ्यूम इस्तेमाल करना चाहिए।

परफ्यूम के हानिकारक प्रभावों से बचें

  • स्वस्थ शरीर पर ही परफ्यूम का प्रयोग करें। सर्दी-जुकाम, बुखार से पीड़ित व्यक्ति इससे बचे, अन्यथा मर्ज बढ़ सकता है।
  • आँख, होंठ, जीभ, दांत, नाक के आसपास स्प्रे करने की कोशिश न करें अन्यथा नुकसान हो सकता है।
  • जिन्हें परफ्यूम से सिर दर्द, जुकाम, छींके व श्वास की परेशानी होती हो, वे भूल कर भी इनका इस्तेमाल न करें और ऐसे वातावरण से दूर रहें।
  • फोड़े-फुंसी, जले-कटे घाव, मुँहासों पर इनका प्रयोग न करें।
  • स्प्रे का छिड़काव बालों पर न होने पाए, अन्यथा बाल लाल या स्फेद होकर झड़ सकते हैं।
  • स्प्रे का प्रयोग करने के बाद ही गहने पहनें। पहले पहनने के बाद स्प्रे करने से रासायनिक प्रतिक्रिया से इनकी चमक बिगड़ जाएगी।
  • कपड़े पहनने के पूर्व ही स्प्रे कर लें। कीमती कपड़ों पर स्प्रे करने से दाग-धब्बे पड़कर कपडों को नुकसान पहुंच सकता है।

परफ्यूम क्या होता है – परफ्यूम का इस्तेमाल कैसे करें

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