शरीर से बदबू हटाने के उपाय

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शरीर से बदबू हटाने के उपाय: आपके संपर्क में अकसर कुछ ऐसे लोग भी आते होंगे, जिनके पास बैठकर आपने यह अनुभव किया होगा कि उनके शरीर, मुंह, अपानवायु से निकली दुर्गंध बर्दाश्त करना कितना मुशिकल हो जाता है। यद्यपि संकोच व लिहाज की वजह से हम भले ही कुछ नहीं कहते, लेकिन व्यक्ति विशेष के प्रति हमारे मन में घृणा की भावना आ जाती है।

जब किसी व्यक्ति को यह अनुभव को जाता है कि उसके मुंह या शरीर से दुर्गंध आती है, तो वह मित्रों के बीच उठने-बैठने में संकोच करने लगता है। धीरे-धीरे हीन-भावना से ग्रसित ऐसे व्यक्ति शारीरिक दुर्गध से परेशान होकर दुखी नजर आते हैं।

बदबू के दुष्परिणाम

यह सत्य है कि सुगंध सबर्का प्रिय होती है। यहीं वजह है कि लोगबाग स्प्रे परफ्यूम, सेंट, सुगंधित अगरबत्ती जलाकर वातावरण को खुशनुमा बनाते हैं और खुशबूदार सौंदर्य प्रसाधनों का इस्तेमाल अधिक करते है, जबकि दुर्गंधयुक्त वातावरण में रहने से हर कोई घबराता है।

बदबू किसी को भी अच्छी नहीं लगती, चाहे वह आपके जीवनसाथी की ही क्यों न हो। दुर्गंध आप दोनों के प्यार में दूरियां ला सकती है। जीवनसाथी के लिए अतृप्त होंठों का मिलन मदभरा हो ही नहीं सकता, यदि मुंह से दुर्गंध आती हो।

बदबू के प्रकार

यों तो शारीरिक दुर्गंध अनेक तरह की हो सकती है लेकिन मुंह से बदबू निकलना, शरीर से दुर्गधयुक्त पसीना निकलना मासिक स्राव के दिनो में विशेष प्रकार की दुर्गंध निकलना अपानवायु बार-बार खारिज करना, बगल (कांख) की बदबू, सिर की बदबू, गुप्तांगों की बदबू शरीर के घाव से दुर्मंध आना प्रमुख रूप से महसूस की जाती है।

बदबू आने के कारण

हमारे शरीर से दुर्गंध निकलने के अनेक कारण होते हैं जिनमें मुंह की सफाई की और ध्यान न देना, स्नान न करना, मल-मूत्र के अंगों की उचित सफाई न करना, वस्त्रों को स्वच्छ न रखना मेद नामक धातु को शरीर में अतिवृद्धि होना वातादि दोषों का प्रकोप होना, प्याज, लहसुन, मांस, मदिरा, तम्बाकू, गुटखा का अधिक सेवन, फुंसियां, दाद-खाज़ आदि की सफाई न कर उनका उचित इलाज न करना प्रमुख होते है।

मुंह की बदबू ऐसे दूर करें

मुंह से दुर्गध आने का मुख्य कारण दांतों और मसूड़ों का रोग ‘पायरिया’ तथा दांतों की सफाई न करना होता है। इसके अलावा पाचन संस्थान, फेफड़ों और शरीर के अन्य अंगों की खराबी भी होता है।

अस्थाई कारणों में अकेले या सम्मिलित रूप में सहायक बनने वाले दांतों की सड़न, मसूड़ों का शोथ, पायरिया, दांतों पर जमी मैल की सतह, दांतों को सहारा देने वाली हड्डी का शोध, गंदे नकली दांत, मुखगुहा का कैंसर, घाव, धूम्रपान, मदिरापान, पान का अधिक सेवन, तम्बाकू, गुटखा का शौकीन होना, दांतों पर जमे, फंसे खाद्य पदार्थ आदि कारक होते है।

शरीर से बदबू हटाने के उपाय

मनुस्मृति के मतानुसार मूत्र त्यागने के बाद चार बार, शौच जाने के बाद आठ बार, भोजन के बाद बारह बार और दातून के बाद सोलह बार हमेँ नियमित रूप से पानी से कुल्ले करने चाहिए।

इतना ही नहीं, भोजन के बाद सुबह-शाम, दोनों समय दांतों की अच्छी तरह सफाई या मंजन करना अधिक लाभप्रद होता है। इसके अलावा यह जानने की भी कोशिश करें कि मुंह की दुर्गंध आने का मूल कारण क्या हैं। पेट साफ

रखे। कब्जियत हो, तो जुलाब लेकर पेट साफ़ रखें। अपच न होने दें। दांतों व जीभ पर जमे मैल को दूर करते रहें। इनके अलावा निम्म उपायों से मुंह की दुर्गंध दूर करें-

  • अनार के छिलकों को पीस कर पानी में उबालें, छानकर इससे कुल्ले करने से मुंह की दुर्गंध और मुंह में पानी आने की तकलीफ दूर हो जाती है।
  • भोजन करने के बाद जीरे को भून कर या कच्चा ही चबाकर खाते रहने से मुंह की दुर्गंध दूर हो जाएगा।
  • तुलसी के पत्ते, मुलेठी, लौंग या इलायची कभी-कभार चबाने, चूसने से मुंह की दुर्गंध अस्थाई तौर पर दूर हो जाती है।
  • जायफल, सफेद मरुआ, जावित्री, तुलसी, गुड़ समान मात्रा में मिलाकर चूर्ण बना लें। चुटकी-भर चूसते रहने से मुंह की दुर्गंध दूर होकर सुगंधमय हो जाएगी।

आजकल बाजार में मुंह की दुर्गंध दूर करने के लिए तरह-तरह के स्वादों से भरपूर ‘माउथ फ्रेशनर’ भी मिलने लगे है, इनका प्रचलन वर्तमान में अधिक हो रहा है।

पसीना जब समस्या बने

शरीर से पसीना निकलना एक आम प्रक्रिया है और इससे एक विशेष प्रकार की हलकी गंध आना स्वाभाविक है, लेकिन जब पसीने का वाष्पीकरण नहीं हो पाता, तो त्वचा में रह रहे बैक्टीरिया इस पसीने में मिले वसा व प्रोटीन से क्रिया करके उन्हें अम्लों व अमोनिया में परिवर्तित कर देते हैं, जिससे पसीने में तेज बदबू पैदा होती है।

ये बैक्टीरिया शरीर की बगलों, जांघों ब गुप्तांगों में अधिक सक्रिय होते हैं। उल्लेखनीय है कि जब पसीना भाप बन कर उड़ जाता है, तो त्वचा पर यूरिया की मात्रा जमा हो जाती है जिसके कारण रोमकूप बंद होकर घमौरियां पैदा करते हैं।

उपाय

सामान्य रूप से होने वाले पसीने के विश्राम करके स्नान, के पानी में एक नीबू निचोड़कर नहाने से, शीतल वायु का सेवन कर हटाया जा सकता है।

शीतल चीजों का आहार में सेवन कर, गर्म प्रकृति के खाद्य पदार्थों से परहेज करने से भी पसीने की तकलीफ कम होती है। नमक का सेवन छोड़कर नियमित व्यायाम के कुछ समय बाद शीतल जल से स्नान करने से इस तकलीफ से शीघ्र छुटकारा मिलता है।

कांख में अधिक पसीना आना कम करने के लिए सात दिन तक फलाहार करें। साथ ही गुनगुने पानी में नीबू का रस मिलाकर एनिमा लेना चाहिए। इसके पश्चात् आहार में सबेरे नाश्ते के समय दूध, फल। दोपहर और शाम के भोजन में चोकर मिले आटे की रोटी और हरी सब्जियों का सेवन अधिक करना चाहिए। बदबूदार तथा अधिक पसीना आने पर विशेष प्रभावित अंगों को पानी में स्प्रिट की कुछ बूंदे डालकर साफ करें।

पानी में थोड़ा नमक डालकर नहाएं। ऐटीसेप्टिक, मेडिकेटेड नीम युक्त खुशबूदार साबुन का प्रयोग करें। बगल, गुप्लांगों, छाती के आसपास किसी डिओडोरेंट पाउडर का इस्तेमाल करें। कपड़े ऐसे पहनें, जिनसे शरीर के आंतरिक अंगों को हवा मिल सके और वे पसीना भी सोख सकें। गर्मी के मौसम में सूती कपड़े ही पहनें।

शारीरिक सफाई के लिए दिन में दो बार स्नान करें और वस्त्रों की स्वच्छता की स्व्च्छता का पूरा ध्यान रखें। नहाने से पूर्व चमेली के फूल, चंदन, खस, केसर, कस्तूरी, नाग-केसर, अगर.तगर, कपूर आदि का प्रयोग उबटन या लेप के रूप में करें।

मासिक स्राव के दिनों की दुर्गंध दूर करने के लिए किसी सामान्य डिओंडोरेंट क्रीम या पाउडर का इस्तेमाल करना चाहिए। गंदे कपड़े का इस्तेमाल न कर स्वच्छ कपड़े या पैड का प्रयोग करें। अधिक दुर्गंधयुक्त मासिक स्राव जाता हो, तो किसी लेडी डॉक्टर से परामर्श करें।

अपानवायु का बार-बार दुर्गंध युक्त खारिज होने का मतलब आपको अपच, बदहज़मी की शिकायत के अलावा शौच का साफ न होना है। पेट साफ रखने का प्रयास करें। भोजन और खाने की आदतों में सुधार लाएं, गरिष्ठ भोजन न करें। पाचक चूर्ण का प्रयोग भोजन के बाद करें।

गुप्तांगों की दुर्गंध जीवनसाथी के लिए अत्यंत कष्टदायक होती है। यौन-तृप्ति तभी संभव है, जब पति-पत्नी, दोनों इसमें बराबर से हिस्सा लें। गुप्तांगों की सफाई के लिए बालों को हेयर रिमूवर या अच्छे रेजर ब्लेड का इस्तेमाल कर हटाएं। पेशाब करने के बाद गुप्तांगों को पानी से धोकर पोंछ लें। श्वेत प्रदर की शिकायत हो, तो उचित इलाज कराएं, क्योंकि इस स्राव से भी बदबू आती है।

बालों में तेल लगाते रहने के बावजूद उनकी सफाई की ओर ध्यान न देने से सिर से बदबू आती है। अत: अच्छे हर्बल शैम्पू का प्रयोग हफ्ते में दो बार अवश्य करें। ऐसे तेल का चुनाव करें, जिसकी उत्पति-पत्नी, दोनों को पसंद हो।

इस प्रकार शारीरिक दुर्गंध की परेशानियों से आप छुटकारा पाकर न केवल स्वस्थ व प्रसन्न रहेंगे, वरन् आपको हीन भावना से भी मुक्ति मिलेगी।

शरीर से बदबू हटाने के उपाय

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