15+ Remedy मुंह के छाले का उपाय | muh ke chale ka upay

By factsknowledge
मुंह के छाले का उपाय | muh ke chale ka upay

Follow us on PinterestJoin Us on Pinterest

मुंह के छाले का उपाय | muh ke chale ka upay: मुंह के छालो को मुख पाक (Stomatitis) भी कहते है, मुंह के अंदर एक घाव या सूजन जो की रस्सी भरने जैसा लगता है। उसे ही छाले या मुख पाक कहते है घाव गालों, मसूड़ों, होठों के अंदर या जीभ पर हो सकता है।

मुंह के छाले का कारण

जीभ एवं मुंह के छाले मुख्यतया पेट साफ न होने एवं खाना में लौह तत्व, विटामिन बी और सी इत्यादि की कमी के कारण होते हैं।

दोस्तों के साथ शेयर करे - Share This Page

मुंह के छाले का उपाय

  • भोजन के बाद सुबह-शाम पहले से ही जल में भिगो कर रखी एक-एक छोटी हरड़ चूसें। साथ ही छोटी हरड़ पीसकर छालों पर दिन में कई बार लगाएं।
  • तुलसी की 4-5 पत्तियां सुबह-शाम चबाकर ऊपर से जल पी लें।
  • रात को सोते वक़्त 1 चम्मच त्रिफला और आंवला का चूर्ण गुनगुने जल से लें।
  • खुम्भी को सुखाकर कूट-पीस लें। एक चुटकी दवा छालों पर सुबह-शाम छिड़कें।
  • चमेली के 4-5 पत्ते सुबह-शाम चबाएं।
  • फिटकिरी सफेद 1 भाग एवं गेरू 8 भाग को कूट-पीसकर रख लें। सुबह-शाम आधा चम्मच चूर्ण पाव भर जल में डालकर उससे कुल्ले करें।
  • सुहागा भूनकर पीस लें एवं शहद में मिलाकर छालों पर लगाएं।
  • मरीज को शहतूत का शरबत पिलाएं और खूब शहतूत खिलाएं।
  • बेलगिरी के फल का गूदा गुड़ और शकर के साथ मिलाकर दिन में एक बार लें।
  • एक चम्मच अंजीर की छाल का चूर्ण एक कटोरी दूध में मिलाएं। स्वाद के मुताबिक चीनी और मिसरी मिलाकर सुबह-शाम पिएं।
  • आंवले की जड़ की छाल का चूर्ण शहद में मिलाकर रख लें। दिन में कई बार लगाएं।
  • गाय के दूध से बनी दही के साथ एक-एक केला सुब-शाम खिकाएं।
  • दिन में तीन-चार बार पके हुए शहतूत खाएं और शहतूत का शरबत पिएं।
  • टमाटर के रस में बराबर जल मिलाकर दिन में तीन-चार बार कुल्ले करें।
  • धनिए को बारीक पिसकर चूर्ण बना ले एवं उसमे मीठा सोडा मिलाकर दिन में दो-तीन बार छालों पर लगाएं।
  • चौलाई की सब्जी का कई दिन तक सेवन करें।

मुंह के छाले के आयुर्वेदिक दवाएं

खदिरादिवटी, वचादि क्वाथ,दशमूल क्याथ, गुडूच्यादि घृत, पीतक चूर्ण, पिप्पली फल क्वाथ आदि।

मुंह के छाले के पेटेंट औषधियां

एमीरोन सीरप और गोलियां (एमिल), मैनोल (चरक) इस रोग में लाभदायक हैं, अगर खाना में पौष्टिक तत्वों की कमी के कारण रोग हुआ हो। जी-32 गोलियां (एलारसिन) स्थानिक प्रयोग हेतु लाभदायक हैं।

दोस्तों के साथ शेयर करे - Share This Page

Check Our 4,000+ Facts in Hindi Collections on PINTEREST

Checkout Facts in Hindi Linktree Collections

Checkout Facts in Hindi Tumblr Collections

फैक्ट्स इन हिंदी @Medium

दोस्तों के साथ शेयर करे - Share This Page

यह भी पढ़े:

Checkout Hindi Facts Collections at Promoteproject

Category: