प्रेम बंधन | Prem Bandhan
प्रेम बंधन | Prem Bandhan: प्रेम इतना अलौकिक है कि यह तप समान ऊर्जा रखता है जिस तरह तपस्वी /साधक के चेहरे पर तेज रहता है उसी तरह से प्रेमी के चेहरे
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